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aadat
आआडाट
दूर रहकर करीब रहने की आदत है, याद बनकर आंखो से बहने की आदत है, करीब ना होते हुए भी करीब पाओगे, मुझे एहसास बनकर रहने की आदत है.
जिनके लिए हम यह खुद को जला रहे है, वो दूर हुमसे काही खुशियाँ माना रहे है, जिनकी जुदाई हमारे जान पे आई, वो अपनी ज़िंदगी सजा रहे है
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